पता नहीं बराक ओबामा ने इस किताब की सहायता ली थी या नहीं, मगर अमरीकी चुनावों के दौरान माइकल मूर की किताब – माइक्स इलेक्शन गाइड 2008 की भरपूर बिक्री हुई. माइकल ने अपनी किताब में चुनाव जीतने के एक से एक बेहतरीन अंतर्राष्ट्रीय फंडे दिए हैं.
मगर, भारतीय संदर्भ में माइकल मूर के चुनावी फंडे पूरे असफल साबित होंगे. उनका चुनावी गाइड घोर असफल साबित होगा. यहाँ तो रविरतलामी के फंडे चलेंगे. कुछ फंडे अभी हालिया चुनावों में तमाम पार्टियाँ अपना चुकी हैं, और बाकी बचे फंडे आने वाले लोकसभा चुनावों में अपनाए जाएंगे. मतदाता तो जागरूक हो ही रहा है, लिहाजा चुनाव जीतने के लिए नेताओं को डबल जागरूक होना होगा. तमाम चुनावी गाइड और फंडों को यहाँ प्रकाशित करना संभव नहीं है, अलबत्ता हैप्पी चुनाव के लिए कुछ श्योर शॉट, आजमाए, अनुभूत नुस्ख़े यहाँ दिए जा रहे हैं –
1 – जनता जनार्दन बहुत दुःखी है. दुखी जनता को टीवी की बहुत आवश्यकता है. मुफ़्त में रंगीन टीवी देने का वादा अपने चुनावी घोषणापत्र में करें. इस एक घोषणा मात्र से तख्ता-पलट हो सकता है.
2 – भारत में गरीबी बहुत है. गरीबी बनाए रखना जरूरी है. वहीं से तो वोट हासिल होते हैं. चुनाव में वादा कीजिए दो रुपए किलो चावल देने का. यदि सामने वाली विरोधी पार्टी ने ये वादा पहले ही कर दिया है तो एक रुपए किलो में चावल देने का वादा करें.
3 – जातिवाद, क्षेत्रवाद, वंशवाद का गेम प्लान लाएं. दक्षिण से उत्तर भारतीयों और उत्तर से दक्षिण भारतीयों को (उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र से यूपी-बिहारी भाई को भगाने का नारा) भगाने का नारा लाएँ.
4 – मतदाताओं को शराब, करेंसी बांटें. एक एक वोट के लिए आप कितना बांट देंगे? मगर सोचिए, जीत गए तो कितने मिलेंगे!
5 – चुनाव में स्टार प्रचारकों का जमकर प्रयोग करें!
6 – कुछ दिमागदार मतदाता पप्पू बनने की सोचने लगे हैं. उन्हें लुभाने के नए तरीके अपनाएँ, नए चक्कर चलाएँ.
----
ये सब फड्डे तो पुराने हो लिए बेचारे नेताओं को कुछ नया सुझावों
प्रत्युत्तर देंहटाएंराग दरबारी के तीन तरीके किधर हैं?
प्रत्युत्तर देंहटाएंचुनाब जीतने के फंडे प्रस्तुत करने के लिए आभार. सेवानिवृति के बाद जब चुनाब लडूंगा तो आपके फंडे बहुत काम आएंगे. हा हा बहुत मजेदार
प्रत्युत्तर देंहटाएंमहेंद्र मिश्रा
जबलपुर.
चुनाव जीतने के लिए 'रवि रतलामी के फण्डे' अपनाने पर उम्मीदवार जीते या नहीं, लेकिन स्साला 'बैरागी' जरूर बन जाएगा ।
प्रत्युत्तर देंहटाएंसच में मैं चुनाव लड़ना चाहता हूँ . और जीतना भी आप जैसे लोगो की राय पर भी अमल करूँगा . टी .वी. के जगह कम्पुटर का आईडिया कैसा रहेगा .
प्रत्युत्तर देंहटाएंएक से एक फंडे हैं जी ! चुनाव व्यवस्था और परिपाटी पर सटीक व्यंग लगा मुझे तो ! शुभकामनाएं !
प्रत्युत्तर देंहटाएंसेवानिवृति की उम्र 70 साल करें.
प्रत्युत्तर देंहटाएंमूफ्त बीजली का वादा करें.
सबको रोजगार भत्ता देने का वादा करें.
हर जाति को आरक्षण देन का वाला करें.
नोकरियों से योग्यता का आधार होना खत्म करें.
बीच सड़क, मन्दीर-मजार बनाने की छूट भी दी जा सकती है.
बाकी फार्मूले जानने के लिए मेरी किताब खरीदें :)
जोरदार !
प्रत्युत्तर देंहटाएंरवि जी नमस्कार ..
प्रत्युत्तर देंहटाएंऐसा सहज हास्य आपकी रचनाओ की वास्तविक खूबी है |
आपके श्योर शॉट पर अमल करवाने का वाद करता हूँ |
ब्लॉगिंग मे मैं नया खिलाड़ी हूँ |
कभी वक़्त हो तो आइए और मार्गदर्शन करिए |
आभार |
लिंक है ........
http://varun-jaiswal.blogspot.com
. तमाम चुनावी गाइड और फंडों को यहाँ प्रकाशित करना संभव नहीं है, अलबत्ता हैप्पी चुनाव के लिए कुछ श्योर शॉट, आजमाए, अनुभूत नुस्ख़े यहाँ दिए जा रहे हैं
प्रत्युत्तर देंहटाएंमेरा निवेदन है ये आजमाए हुए नुस्खें हैं .इन पर जनता एतबार नहीं कर पायेगी .
अनूप शुक्ल जी की बात में वज़न लगता है .